अगस् त में बकरीद की रात क़रीब 12 बजे कश्मीर के अनंतनाग में भाजपा नेता सोफ़ी यूसुफ़ को फ़ोन आया कि उनके साथी शब्बीर अहमद भट्ट को अगवा कर लिया गया है. शब्बीर अहमद भट्ट पुलवामा चुनाव क्षेत्र में भाजपा प्रमुख थे. घ रवालों ने पुलिस को बताया कि शब्बीर शायद पुलवामा या श्रीनगर में होंगे. पिछले डेढ़ महीने से शब्बीर पुलवामा में ऐसे ही वक़्त गुज़ार रहे थे. शब्बीर के भाई ज़हूरुल इस्लाम भट्ट बताते हैं, "डर के मारे वो घर पर नहीं रहता था, क्योंकि उसे घबराहट सी होती थी. पुलवामा में वो (पार्टी के लिए) कैंपेनिंग चलाता था, कार्यक्रम करता था." आख़िरकार गोलयों से छलनी शब्बीर अहमद भट्ट का शव रात दो बजे एक बगीचे से मिला.रीन गर में भारी सुरक्षा में रह रहे सोफ़ी यूसुफ़ ने अपने घर पर मुझे बताया, "अब मैं रात को निकल नहीं सकता था. क्योंकि हमें भी बाहर निकलने में डर लगता है.... सुब ह सात बजे ईद के दिन मैं पुलवामा गया. और हम उसके शव को लेकर आए. साढे 10 बजे अंतिम संस्कार किया गया. हमने ईद की नमाज़ भी नहीं पढ़ी, कुर्बानी भी नहीं दी." यूसुफ़ कहते हैं, "हमें बहुत सदमा पहुंचा. वो...