वाराणसी की पतली गलियों के बीच में बने मुक्ति भवन के अलग नियम हैं.
यहां के केयर-टेकर नरहरि शुक्ला से मैं उनके ऑफिस में मिली थी तो उन्होंने मुक्ति भवन के नियम समझाए थे.
"लोग यहां मोक्ष के लिए आते हैं. यह होटल नहीं है. यहां एयर कंडीशनर जैसे विलासिता के साधनों की क्या ज़रूरत है?"
मुक्ति भवन में अधिकतम 15 दिन रहने की ही अनुमति है. यदि बीमार व्यक्ति इस दौरान नहीं मरता तो उसे विनम्रता के साथ चले जाने के लिए कहा जाता है.
शुक्ला के मुताबिक, "कुछ अपवाद भी हैं. कभी-कभी आदमी की सेहत देखकर मैनेजर उसे कुछ दिन और रुकने की अनुमति दे सकते हैं."
यहां रहने वाले मेहमान बिजली के लिए प्रतिदिन 20 रुपये देते हैं. उनसे उम्मीद की जाती है कि वे पूजा-पाठ करने में समय बिताएं.
वहां एक छोटा मंदिर भी है जहां प्रतिदिन भजन-कीर्तन होता है. यहां ताश के पत्ते खेलने, यौन क्रिया में लिप्त होने, मांस, अंडे और प्याज-लहसुन खाने की मनाही है.
जब मैं वहां पहुंची थी तो वहां कोई मेहमान नहीं रुका था. मेरे अनुरोध पर शुक्ला मुझे 8 कमरों वाला लॉज दिखाने ले गए.
हरे रंग का लकड़ी का एक दरवाजा खोलकर शुक्ला मुझे एक छोटे से कमरे में ले गए जिसकी सफेद दीवारें गंदी हो चुकी थीं.
वहां रोशनी आने के लिए एक छोटी खिड़की थी, जहां से आ रही रोशनी में कमरे की धूल साफ दिख रही थी.
न्यूज़ एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि समिति की बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि भले ही आप दो लाख वोटों से चुनाव जीतकर आए हों लेकिन अगर आपको ये पता चले कि आपके सबसे अच्छ दोस्त ने ही आपके लिए वोट नहीं डाला तो आपको कैसा लगेगा. उन्होंने कहा कि आपको कैसा लगेगा कि अगर अमित शाह आपके निर्वाचन क्षेत्र में अपनी रैली को ऐन मौक़े पर रद्द कर दें तो...?
प्रधानमंत्री मोदी ने संसद में लोजपा के सांसद चिराग पासवान की अच्छी उपस्थिति का उदाहरण भी दिया और बीजेपी के सांसदों से कहा कि उनसे सीखे जाने की ज़रूरत है कि कैसे किसी मुद्दे पर संसद में बहस करने के लिए तैयारी से आना चाहिए.
ईवीएम समेत चुनाव सुधार के मुद्दे पर 14 पार्टियां एकजुट, राज्यसभा में चर्चा की मांग आम चुनाव में बीजेपी की अगुवाई वाली एनडीए की भारी जीत के बाद पहली बार केंद्र सरकार को दबाव में लाने के प्रयास में 14 पार्टियां एकजुट हुई हैं.
ये पार्टियां बुधवार को राज्यसभा में चुनाव सुधार के एक नोटिस पर चर्चा करवाना चाहती है. यह नोटिस तृणमूल कांग्रेस नेता डेरेक ओ ब्रायन ने प्रस्तुत किया है.
अब तक जिन दलों ने इस पर हस्ताक्षर किये हैं उनमें कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, आरजेडी, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, आम आदमी पार्टी, सीपीआई, सीपीएम, पीडीपी, डीएमके, केरल कांग्रेस (मणि), आईयूएमएल और एनसीपी शामिल हैं.
इन पार्टियों ने मिलकर राज्यसभा के सभापति को एक पिटीशन भेजा है लिहाजा स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव को लेकर बुधवार को चर्चा हो सकती है. चुनाव सुधार को लेकर जहां सत्ता पक्ष 'एक देश एक चुनाव' पर बल दे रहा है वहीं विपक्षी पार्टियां ईवीएम के मुद्दे पर बहस करना चाहती हैं.
यहां के केयर-टेकर नरहरि शुक्ला से मैं उनके ऑफिस में मिली थी तो उन्होंने मुक्ति भवन के नियम समझाए थे.
"लोग यहां मोक्ष के लिए आते हैं. यह होटल नहीं है. यहां एयर कंडीशनर जैसे विलासिता के साधनों की क्या ज़रूरत है?"
मुक्ति भवन में अधिकतम 15 दिन रहने की ही अनुमति है. यदि बीमार व्यक्ति इस दौरान नहीं मरता तो उसे विनम्रता के साथ चले जाने के लिए कहा जाता है.
शुक्ला के मुताबिक, "कुछ अपवाद भी हैं. कभी-कभी आदमी की सेहत देखकर मैनेजर उसे कुछ दिन और रुकने की अनुमति दे सकते हैं."
यहां रहने वाले मेहमान बिजली के लिए प्रतिदिन 20 रुपये देते हैं. उनसे उम्मीद की जाती है कि वे पूजा-पाठ करने में समय बिताएं.
वहां एक छोटा मंदिर भी है जहां प्रतिदिन भजन-कीर्तन होता है. यहां ताश के पत्ते खेलने, यौन क्रिया में लिप्त होने, मांस, अंडे और प्याज-लहसुन खाने की मनाही है.
जब मैं वहां पहुंची थी तो वहां कोई मेहमान नहीं रुका था. मेरे अनुरोध पर शुक्ला मुझे 8 कमरों वाला लॉज दिखाने ले गए.
हरे रंग का लकड़ी का एक दरवाजा खोलकर शुक्ला मुझे एक छोटे से कमरे में ले गए जिसकी सफेद दीवारें गंदी हो चुकी थीं.
वहां रोशनी आने के लिए एक छोटी खिड़की थी, जहां से आ रही रोशनी में कमरे की धूल साफ दिख रही थी.
दूसरी बार सत्ता में आने के बाद
मंगलवार को बीजेपी की पहली संसदीय समिति की बैठक हुई. प्रधानमंत्री नरेंद्र
मोदी भी इस बैठक में शामिल हुए.
बैठक में शामिल हुए प्रधानमंत्री ने
सांसदों की सदन में उपस्थिति पर नाराज़गी जताई. उन्होंने कहा कि सांसदों
को संसद की कार्यवाही के दौरान सदन में मौजूद रहना चाहिए. न्यूज़ एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि समिति की बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि भले ही आप दो लाख वोटों से चुनाव जीतकर आए हों लेकिन अगर आपको ये पता चले कि आपके सबसे अच्छ दोस्त ने ही आपके लिए वोट नहीं डाला तो आपको कैसा लगेगा. उन्होंने कहा कि आपको कैसा लगेगा कि अगर अमित शाह आपके निर्वाचन क्षेत्र में अपनी रैली को ऐन मौक़े पर रद्द कर दें तो...?
प्रधानमंत्री मोदी ने संसद में लोजपा के सांसद चिराग पासवान की अच्छी उपस्थिति का उदाहरण भी दिया और बीजेपी के सांसदों से कहा कि उनसे सीखे जाने की ज़रूरत है कि कैसे किसी मुद्दे पर संसद में बहस करने के लिए तैयारी से आना चाहिए.
ईवीएम समेत चुनाव सुधार के मुद्दे पर 14 पार्टियां एकजुट, राज्यसभा में चर्चा की मांग आम चुनाव में बीजेपी की अगुवाई वाली एनडीए की भारी जीत के बाद पहली बार केंद्र सरकार को दबाव में लाने के प्रयास में 14 पार्टियां एकजुट हुई हैं.
ये पार्टियां बुधवार को राज्यसभा में चुनाव सुधार के एक नोटिस पर चर्चा करवाना चाहती है. यह नोटिस तृणमूल कांग्रेस नेता डेरेक ओ ब्रायन ने प्रस्तुत किया है.
अब तक जिन दलों ने इस पर हस्ताक्षर किये हैं उनमें कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, आरजेडी, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, आम आदमी पार्टी, सीपीआई, सीपीएम, पीडीपी, डीएमके, केरल कांग्रेस (मणि), आईयूएमएल और एनसीपी शामिल हैं.
इन पार्टियों ने मिलकर राज्यसभा के सभापति को एक पिटीशन भेजा है लिहाजा स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव को लेकर बुधवार को चर्चा हो सकती है. चुनाव सुधार को लेकर जहां सत्ता पक्ष 'एक देश एक चुनाव' पर बल दे रहा है वहीं विपक्षी पार्टियां ईवीएम के मुद्दे पर बहस करना चाहती हैं.
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